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पूर्व MLC राणा के ठिकानों पर ED रेड, 2 करोड़ कैश बरामद

SHIDDHANT
24 Aug 2026 8:22 PM IST
पूर्व MLC राणा के ठिकानों पर ED रेड, 2 करोड़ कैश बरामद
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फर्जी ITC केस में 9 ठिकानों पर छापेमारी से मचा हड़कंप
Muzaffarnagar मुजफ्फरनगर। बसपा के पूर्व एमएलसी शाहनवाज राणा के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। फर्जी दस्तावेजों के जरिए करोड़ों रुपये के इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) लेने के मामले में ईडी ने सोमवार को शाहनवाज राणा और उनके करीबियों के कई ठिकानों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई में करीब 2 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए हैं। ईडी की टीम ने मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद और फरीदाबाद में कुल नौ ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। कार्रवाई का मुख्य केंद्र मुजफ्फरनगर स्थित न्यू राणा हाउस रहा। इसके अलावा गाजियाबाद स्थित सुधा स्टील्स सहित अन्य स्थानों पर भी जांच की गई।
ईडी के अनुसार, छापेमारी के दौरान न्यू राणा हाउस और सुधा स्टील्स के ठिकाने से करीब दो करोड़ रुपये की नकदी बरामद हुई। इसके साथ ही कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य भी जांच टीम के हाथ लगे हैं। इन दस्तावेजों के आधार पर आगे की जांच की जा रही है। यह कार्रवाई जंबूद्वीप एक्सपोर्ट्स एंड इम्पोर्ट्स लिमिटेड कंपनी से जुड़े मामले में की गई है। ईडी ने इस कंपनी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। बताया जा रहा है कि शाहनवाज राणा पहले इस कंपनी के निदेशक रह चुके हैं, जबकि वर्तमान में कंपनी का संचालन शाह आजम राणा कर रहे हैं।
जांच एजेंसी के मुताबिक, कंपनी पर आरोप है कि उसने बिना वास्तविक खरीद-बिक्री के फर्जी इनवॉइस और ई-वे बिल के माध्यम से गलत तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट हासिल किया। जांच में फर्जी कंपनियों के जरिए सर्कुलर ट्रांजैक्शन, धन की हेराफेरी और नकदी निकासी के कई तथ्य सामने आने की बात कही गई है। जीएसटी विभाग की जांच में सामने आया कि कंपनी ने कथित रूप से 9.63 करोड़ रुपये का आईटीसी गलत तरीके से प्राप्त किया, जबकि 10.28 करोड़ रुपये का आईटीसी आगे ट्रांसफर किया गया। ईडी अब इस मामले में अपराध से अर्जित धन के वास्तविक लाभार्थियों की पहचान करने में जुटी है।
सूत्रों के मुताबिक, छापेमारी के दौरान फर्जी आईटीसी नेटवर्क से जुड़े दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड भी जब्त किए गए हैं। जांच एजेंसी ने शाहनवाज राणा के एक करीबी लोहा कारोबारी के ठिकाने पर भी जांच की है। ईडी अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और बरामद दस्तावेजों व डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी कंपनियों और लेन-देन के नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल थे।
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